(डॉक्टर सुधीर सिंह) गौर से देखने पर अनुभव किया, जमाने का रंग ही बदला हुआ है. जिसकेअधरों पर अभी हँसी थी, झूठ बोलने  पर स्याह हो गया है. रंग बदलने  में आदमी है  माहिर, उसके सामने गिरगिट शर्मिंदा है. सबने स्वीकारा है  इस सत्य को, मृत आदमी  बहुत  यहां जिंदा […]

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भारत-सिंगापुर हैकाथन के पहले छह विजेताओं को पुरस्कार देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मोदी ने कहा, “सिंगापुर-भारत हैकाथन जैसे मंच हमारे युवाओं के कार्यो को दिखाने के लिए बेहतरीन मंच का कार्य करते हैं। इसके साथ ही ये दूसरे देशों व संस्थानों के युवाओं के नवाचार को […]

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देश के सबसे भारी प्रक्षेपण यान, जियोसिनक्रोनस सैटेलाइट लांच व्हिकल-मार्क-3 (जीएसएलवी-एमके-3) के जरिए 14 नवम्बर की शाम श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र से 3,423 किलोग्राम वजनी संचार उपग्रह जीसैट-29 छोड़ा गया, यह उपग्रह बाद में अंतिम भू-स्थिर कक्षा में प्रक्षेपित होगा। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष के. सिवन ने कहा, […]

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(आशा सहाय) आदिम जीवन- दशाओं से निकलकर आधुनिक जीवन-दशाओं मे प्रवेश करने की कला ही सभ्यता है।सभ्यता के चरण धीरे-धीरे बढ़ते हैं और समस्त जीवन- दशाओं पर छा जाते है।पर क्या सभ्य मानव और सभ्यता के मध्य कोई विसंगति तो उत्पन्न नहीं होती? कया आधुनिक सभ्यता ही सभ्य मानव की […]

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भारतीयता के वास्तविक दर्शन अनेकता में एकता त्यौहारों में होते हैं, जब सभी मिलकर दीवाली, छठपूजा, भैयादूज, प्रकाशउत्सव, ईद आदि मनाते हैं । एक दूसरे को बधाई देते हैं । राजनैतिक पटल पर दिन–प्रतिदिन नए–नए वाद–विवाद देखने–सुनने को मिल जाते हैं । व्यक्ति अपने दृष्टिकोण से एक बात को सही […]

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(डॉ. चंद्रेश कुमार छतलानी) रोज़ की तरह ही वह बूढा व्यक्ति किताबों की दुकान पर आया, आज के सारे समाचार पत्र खरीदे और वहीँ बाहर बैठ कर उन्हें एक-एक कर पढने लगा, हर समाचार पत्र को पांच-छः मिनट देखता फिर निराशा से रख देता। आज दुकानदार के बेटे से रहा […]

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: डॉक्टर सरला सिंह राखी नाम की एक दुबली-पतली बीमार -सी ,साँवले रंग की एक लड़की,उम्र यही तेरह-चौदह की साल रही होगी । वह आठवीं कक्षा में पढ़ती थी । राखी कक्षा में बिलकुल पीछे बैठती थी। वह हमेशा चुपचाप बैठी रहती शायद इसी लिए उसकी कोई  सहेली भी नहीं […]

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विदेशी उच्च उपाधियाँ जीवन में बदलाव कहाँ लाती हैं ये तो अपने स्वामी को अहँकार की सीढ़ी पर चढ़ाती हैं विरला ऐसा जीव जगत में जिसे निस्वार्थ प्रेम पढ़ाती हैं   जिस तरह सिक्के के दो पहलू होते हैं, उसी तरह जीवन जीने की कला के भी दो पहलू होते […]

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मैं गंगा हूँ, मुझमें, किसी ने तन धोया। किसी ने मन धोया। गरीब-अमीर, पुण्य-पाप का कभी अंतर नहीं किया।   हँसते-हँसते, चुपके से ले लिया, जिसने जो कुछ दिया।   ले जा कर सौंप दिया, समंदर को, जिसने जो कुछ दिया। अब तुम जानो और समंदर जाने। विचार करो और […]

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सामाजिक समस्याओं को साहित्य के माध्यम से दूर किया जा सकता है । अकादमी की यह योजना है कि महापुरुषों और साहित्यकारों के जयंती के माध्यम से साधारण जन के मध्य साहित्य को पहुँचाया जाए ताकि एक स्वस्थ और संस्कारयुक्त समाज के निर्माण किया जा सकें । यह विचार हिन्दी […]

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नीरज त्यागी कुछ जीवन के लम्हे लिखे,कुछ जीवन के लम्हे खो गए। चंद बाते पन्नो पर लिखी , चंद मन के कोनो में खो गयी।। वो  जो  लम्हे  कहीं खो गए है,बस वही तो जीवन था। बेशक उन लम्हो में धोखा था,पर धोखा उजागर तो ना था।। वो बीते लम्हो […]

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डॉ.सरला सिंह जीवन भी तो इक कहानी है, कोई राजा तो कोई रानी है । कहीं दरियाये खुशी है बहती, किसी के आँख से पानी है । गमों की कश्ती है किसी की, किसी पे खुदाई मेहरबानी है। कोई सोने की प्लेट में खाता, किसी पे ना खाना पानी  है। […]

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कार्तिक बन्सल (मेरा नाम कार्तिक बन्सल है। मेरा जन्म 27-7-2003 में फ़रिदाबाद नामक ज़गह पर हुआ था। मैं पाँच वर्ष का होने के पश्चात् बुख़ार से पीड़ित होने के कारण दृष्टिबाधित हो गया। अब मैं J.P.M. Seniour  Secoundry for The Blind schoolमें नवमी कक्षा में पढ़ता हूँ। मैं अपने सयुंक्त […]

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सुशील शर्मा आंतरिक संघर्ष या अंतर्द्वंद ,मानव जीवन का हिस्सा है। अंतर्द्वंद एक अस्पष्ट शब्द है जिसका शाब्दिक अर्थ  वास्तविक गतिशील या असली दुनिया के लक्षणों से मेल नहीं खाता।आंतरिक संघर्ष के बारे में व्यावहारिक जानकारी की सामान्य कमी के कारण, लोग आंतरिक संघर्ष को समझे बिना लक्षणों की विस्तृत […]

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Tyran Prizren SPAHIU (Was born in 1954, Prizren-Kosovo Author of  the novel in two volumes -Never back again! Nine Volumes of Poetic Verses in Albanian Language and One in English. No matter where he goes, you will hear the voice behind: “He was here.”) Heavenly words do love young spirits sounds are […]

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(डॉक्टर सुधीर सिंह ) शुभ-चिंतन का दीप जलाकर, जीवन-पथ ज्योतिर्मय कर लें. श्रम,साहस,संकल्प, शक्ति से; मिलकर भारत को चमकाएं. दीपावली का  शुभ संदेश है, अशुभ सोच कभी नहीं उभरे. गहन अंधेरा का प्रतीक यह, परवाना  सा झुलस ही जाए. भय,भूख, भ्रष्टाचार, बेकारी; अंधकार  से  भी  बदतर है. इससे  मुक्ति  पा […]

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*प्रखर दीक्षित* भज ले तू सीताराम मनस यह उमर यों ही बीती जाए। कलि में हरि सुमिरन संजीवन वर्ना गठरी रीति पाए।। भवसिंधु अगम जग ताप घने कलिकाल कुठार लिए फिरता। कब शाम ढलेगी क्या मालूम बस कालचक्र अपनी करता।। कर ले पारायण जीवन का गति वक्र काल की समझ […]

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(कविता मल्होत्रा) मानव जीवन मनुष्य को विधाता का दिया हुआ सर्वोत्तम उपहार है। मनुष्य ब्रह्माण्ड के सभी प्राणियों में श्रेष्ठ माना जाता है, क्यूँकि उसे ईश्वर ने अपने अँश से, जन कल्याण के उद्देश्य से गढ़ा है। लेकिन जीवन का लाभ वही मनुष्य उठा पाते हैं जो इसके उद्देश्य को […]

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नई दिल्ली। संस्कृत के आदी कवि महार्षि बाल्मीकि की जंयती बदरपुर में खुशबूविकास सहयोगी समिति की ओर से मनाई गई। जिसके मुख्य अतिथि बदरपुर के विधायक पं.नरायण दत शर्मा थे। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रुप मे समाजसेवी एवं पत्रकार लालबिहारी लाल ने अपने वक्तब्य मे कहा कि ज्ञान […]

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