आओ स्वागत करे नव वर्ष का

आओ स्वागत करे नव वर्ष का

आओ स्वागत करे नव वर्ष का
हर्ष और उल्लास के साथ
छोड़ कड़वी यादें
आगे बड़े एक नई सोच के साथ

हर झरोखे में साज हो
प्रकृति में पक्षियों का गान हो
कृषि और कृषक का मान हो
वीरों का सम्मान हो
नारी का उत्थान हो
हर जन-मानस का विकास हो।

महाभाग हो हर प्राणी
महाधन से परिपूर्ण हो
महाभिमान से दूर रहे
महातप में लीन हो
दृढ़संकल्प हो हर युवा
महासुख से परिपूर्ण हो।
नव ऊर्जा का संचार हो
वाणी में माँ सरस्वती का वास हो।

हर धर्म का उत्थान हो
महिमण्डल का अभिमान हो
ज्ञान का सागर बहे
नित नवीन आविष्कार हो।
श्री का आशीर्वाद हो
कर्मयोगी सब बने
रोगों का विनाश हो
हर घर में सुख-सम्पदा का वास हो

महाउन्नि हो सबकी
नव वंदना,नव याचना हो
इस नववर्ष में कुछ खास हो
हर समस्या का समाधान हो
एक नई उमंग के साथ
इस वर्ष आगाज हो।

ललिता पाण्डेय
दिल्ली

कविता और कहानी