इतिहास बदलते बदलते भूगोल बदल डाला,

इतिहास बदलते बदलते भूगोल बदल डाला,

इतिहास बदलते बदलते भूगोल बदल डाला,
मोदी व शाह की जोड़ी ने माहौल बदल डाला।
कुछ सिरफिरे आज भी हैं गद्दारी पे आमादा,
साहस भरे कदम ने उन्हें बेनकाब कर डाला।

आज देश की
जीत हुयी है,
राष्ट्रवादी विचारों नें
काश्मीर फ़तह किया है,
ये भारत मां की विजय
हुयी है,
आजादी के बाद से
आज तक काश्मीर
टेढ़ी खीर था,
आतंक का बोलबाला था,
झूठ का साम्रज्य था,
सच का मुह काला था,
वो हमारे टुकड़ों पे
पलते थे,
हमीं से जलते थे,
अलगाववादियों की
चांदी थी,
आतंक की आंधी थी,
बेवज़ह हम
आस्तीन के सांपों
को दूध पिला रहे थे,
निरर्थक ही
अपने जवानों की
बलि चढ़ा रहे थे,
ये तो भला हो वर्तमान
साहसी,कुशल, दृढ़प्रतिग्य
राष्टवादी गृहमंत्री व
प्रधानमंत्री युगल का,
जिनकी राजनीतिक
प्रतिबद्धता नें,
भारत मां का
मुकुट पुनः सजाया,
एक रक्त हीन क्रांति
के सहारे हमें
काश्मीर लौटाया,
हर राष्ट्र प्रेमी
है गदगद,
एक नागरिकता व
एक ही रहेगा
हमारा राष्ट्र ध्वज,
अब न अकारण ही
बहेगा जवानों का
खून,
ठंढ़ा कर दिया जाएगा
देश द्रोहियों का
नाजायज़ जुनून,
अभी तो ये शुरुआत है,
अभी कई समस्यायें
हैं मुह बाये,
धीरज रखिये
क्रमशः हम
एक एक समस्याओं
के मुह में
जलता लुआठा
लगायेंगे।।
वन्देमातरम,
जयहिंद।।

भावुक

कविता और कहानी