गजल

गजल

इंतिजार में नये साल के हम हैं उस पलके ।
नव प्रभात की नव किरणें खुद घर आयें चलके ।।
नव उम्मींद को मिले पंख नव उड़ने को नभमें ।
नये साल में नफरत के जायें मिट सभी धुधलके ।।
कोई आँख ना नम हो – ना कोई गम हो दिलमें ।
कहीं किसी आँखों से कोई आँसू ना छलके ।।
ख्वाव तमन्न मन्नत चाहत सबकीं हों पूरी ।
हर घर को है मिलें देखने खुशी भरीं पलकें ।।
नये साल में यही कामना ईश्वर से ” कौरव ” ।
कोई बेटी मरे कोंख ना – ना कोई जलके ।।
प्रेषक
रमेश कौरव
ग्राम – कान्हरगाँव,तह.- गाडरवारा
जिला – नरसिंहपुर ( मध्य प्रदेश )

कविता और कहानी