धारा तीन सौ सत्तर से  मुक्ति (घनाक्षरी )

धारा तीन सौ सत्तर से मुक्ति (घनाक्षरी )

सुखद घड़ी है आई
सबको देते बधाई
धारा तीन सौ सत्तर
से मुक्ति जो पाई है।
धैर्य और योजना से
ऐसा पासा फेंक डाला
कश्मीरी नेताओं की
शामत जो आई है।
जिन्हें छोड़ना पड़ा था
कश्मीर रातों रात
आज उन्हें न्याय वाली
किरण दिखाई है
घर घर दीप जले
आज मोदी जी सारे ही
भारत ने मिलकर
दीवाली मनाई है।

कविता और कहानी