बड़ा दिन

बड़ा दिन

“जिन्गल बेल्स, जिन्गल बेल्स, जिन्गल ऑल द वे।

सैंटा क्लौस इस कमिंग अराउंड रीडिंग ऑन अ स्लेह।”

येह मधुर प्रार्थना कानों में मिठास घोलती है। सैंटा क्लौस की पवित्र छवि आँखों के सामने आ जाती है। मन करता है आंखें बन्द करें और हमारी झोली में कोई सुन्दर सा उपहार आ जाए।     मसीह        समुदाय द्वारा प्रतिवर्ष 25 दिसंबर को मानते जाने वाला बड़ा दिन ईश्वर की आराधना का एक भव्य पर्व है। महीनों इस पर्व को मानने की तैयारी चलती है। चर्च दुल्हन की तरह तैयार किए जाते हैं। नए कपड़े सिलवाए जाते हैं। बेहतरीन सजावट की जाती है और धूमधाम से मनाया जाता है प्रभु ईसा मसीह का जन्म दिन।

ईसा मसीह ईश्वर के इकलौते पुत्र माने जाते हैं। उनके जन्मदिन को खूबसूरत तरीके से मनाया जाता है। रंग बिरंगे गुब्बारे, झालर, फूल            और भांति भांति के केक। केवल 25 दिसंबर ही नहीं नव वर्ष तक इस उत्सव का आयोजन किया जाता है। पूरा संसार धूमधाम से नव वर्ष का स्वागत करता है।

क्लबों, रेस्टोरेंट और होटलों में पार्टी रखी जाती है। कुछ लोग घर पर नव वर्ष का आगमन समारोह आयोजित करते हैं। एक अनूठा एहसास होता है। क्रिसमस दिवस बच्चों को                         

        आकर्षित करता है। हर बच्चा प्रार्थना करता है कि रात को उपहारों से भर जाए। खुशी और उल्लास से भरा एक उत्सव। जिसे केवल ईसाई समुदाय ही नहीं     अपितु         सभी समुदायों के लोग सौहार्द से मनाते हैं।

इस वर्ष कॉरोना महामारी के चलते सभी त्यौहार फिके रहे है। दीवाली के बाद बढ़े कॉरोना के प्रकोप ने मिठाई की मिठास को मिटा दिया है। दियो की रोशनी को मंद कर दिया है। कितने घरों में दिये नहीं जले। कितने लोग महीनों से कॉरोना को भगाने कि मुहिम के चलते सामान्य जीवन व्यतीत नहीं कर पाये इसलिए सैंटा क्लॉज से मिलकर एक ही उपहार मांगते है कि कॉरोना की    कारगर          वैक्सीन हमें दे जाए। प्रभु यीशु से नव वर्ष पर यही आशीष चाहते हैं कि फिर से पहले की तरह मिल जुल कर नव वर्ष मना पाएं।

आशा है यीशु हमें निराश नहीं करेंगे। बहुत दिन हो चुके हैं बंधन में रहते हुए, डर डर कर जीते हुए। अपनों से दूर, खुशियों से दूर। आने वाला वर्ष ऐसा आए कि उत्सव ही उत्सव हो और कोराना का नामो निशान मिट जाए। ऐसा केक तैयार हो जिसे खाकर सभी कोराना मुक्त हो जाएं। ऐसी घंटियां बजें कि सौभाग्य के दीप जल उठें। इस बार का क्रिसमस अनूठा हो, यादगार हो। नूतन वर्ष बीते वर्ष की सभी परेशानियों से मुक्ति दिलाने वाला हो। आओ आह्वान करें। सैंटा कलाज़ हमारी बात सुन सके।

अर्चना त्यागी

जोधपुर राजस्थान

कविता और कहानी