भगत सिंह

भगत सिंह

एक बार फिर पुकारा तुमको

भगत सिंह फिर आ जाओ।

मिली कहां है आजादी फिर से आजादी दिला जाओ।।

पल-पल छलता सच यहाँ झूठ की खेती हरी-भरी।

रंग केसरिया चुनर भारत मां को फिर से ओढ़ा जाओ।।

एक बार फिर पुकारा तुमको भगत सिंह फिर आ जाओ

हर राखी पर रोती बहना तुम जैसा कोई भाई नहीं।

अपनी बहना को इज्जत की सांसे भाई दिला जाओ।।

एक बार फिर पुकारा तुमको भगत सिंह फिर आ जाओ

यह धरती अंबर तुम्हें ढूंढते, आओ तुम।

माई रंग दे बसंती चोला ऐसा गीत सुना जाओ।।

एक बार फिर पुकारा तुमको भगत सिंह फिर आ जाओ

हर ओर जय हिंद जय हिंद जय हिंद गूंज उठे।

अपने हाथों से सच्चाई का तिरंगा आकर लहराओ।।

एक बार फिर पुकारा तुमको भगत सिंह तुम आ जाओ।

नमिता सिंह जाट नरसिंहपुर

कविता और कहानी