मनभावन मौसम

मनभावन मौसम

रंग गुलाबी  रंग गुलाबी भा गया

मनभावन मौसम आ गया

अरे प्यार का मौसम आ गया

अब के बरस जब बरसे सावन

संग मेरे हो मेरे साजन

मोर- पपीहा गाये सरगम

और चांद चकोर भी करते नर्तन

अब के बरस जब बरसे सावन

संग मेरे हो  मेरे साजन

राधा के संग कान्हा हर से 

पिया मिलन को जिया तरसे

मीरा  के संग जब हो मोहन

प्रेम रंग में भीगे तन मन

पिया मिलन को जिया तरसे

नैना से जब  नीर जो बरसे

मीरा भी दर्शन को तरसे——-

अब के बरस जब बरसे सावन

संग मेरे हो मेरे साजन

रंग गुलाबी रंग गुलाबी भा गया————

प्यार का मौसम आ गया————

अनीता गौतम “संगम शब्दों का “

कविता और कहानी