” बहुत दिनों बाद कुछ हाइकू”

” बहुत दिनों बाद कुछ हाइकू”

1

आज मैं रोया

बहुत दिनों बाद

भुला के उसे

 2

बहुत रोका

रुकते कहाँ आँसू

बेईमान से ।

3

खो बैठा सब

सपने बुनने में

पाने को कुछ

4

कुछ बचा क्या

मरके अब देंखें

शायद कुछ

5

पहुंचे गांव

महामारी से भाग

जीने की आश ।

6

भौंकते कुत्ते

टीवी चैनल पर

प्रतिपक्षी से

7

समय काटें

औंधे मुंह लेटे ज्यूँ

आर्थिक तंगी

8

तपती धूप

बदहवास जन

फटता मन

9

पाप हैं किये

मुंह छिपाते फिरे

हैं डरे डरे ।

10

सिनेमा बंद

माल भी सब बंद

नजरबंद

जी एम् अग्रवाल (वरिष्ट साहित्यकार)

कविता और कहानी