जवाबदेही

जवाबदेही

किसी ने योग दिया
किसी ने लंगर

किसी ने दिया देसी
किसी ने विदेशी
🌹🌹
कोई हत्या कर रहा है
कोई डाल रहा है डकैती

इतने सारे प्रश्न हमारे
मन को उलझा रहे हैं
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कुछ सवालो का जवाब है गौण
व्यवस्था बिगड़ रहा है कौन ?? ??
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नैतिकता की बात चले तो
लब पर ताले पड़ जाते हैं

संस्कारों की बात उठे तो
कई सवाल फिर सर उठाते
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बेटी बचाओ बेटी बचाओ
के नारे फिर लगाता कौन

जब इज्जत की बात उठे तो
धज्जियाँ फिर उड़ाता कौन
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नेताओं पर बोलना भारी
जनता खड़ी लाचार बेचारी

कहीं भेद कहीं भाव की जंग है
कहीं जात और पात का रंग है
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कहीं पीट रही नर को नारी,
कहीं जल रही औरत बेचारी

कोलाहल है चारों और,
फिर पाठ अमन का पढ़ा रहा है कौन
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जीवन हुआ है अस्त-व्यस्त
कोई बोलने वाला नहीं

अपनी अपनी जिम्मेदारी लेकर
खुद में संतुष्ट होना सीखो
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तोलमोल कर जीवन जी लो
अपने प्रश्नों का हल
खुद के ही
भीतर तुम खोजो
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डॉ अलका अरोड़ा

कविता और कहानी