विकसित राष्ट्रों की सूची में हिंदुस्तान रहे ऊपर
कविता और कहानी

विकसित राष्ट्रों की सूची में हिंदुस्तान रहे ऊपर

हिमगिरी  हुंकार  रहा है; हिंदुस्तान  जिंदावाद.सीमा पर जो करे शरारत, उसे करना है बर्बाद.भारतवर्ष  चाहता  है;  सुखी  सारा  संसार रहे.सारी दुनिया ले संकल्प,आतंकी कोई नहीं बचे. यहां की सैन्यशक्ति से सभी पड़ोसी परिचित है,जानता है…

और बचपन खो गया
कविता और कहानी

और बचपन खो गया

नीम पर बैठे पंछियों की चहचहाहट तालाब मे झिलमिलाते दीपों की जगमगाहट बचपन,सुनहले सपनों का एक रेला सुहानी यादों का बढ़ता एक कारवाँ नीले अंबर में उन्मुक्त पंछियों को उड़ते हुए देखना मानो आगे बढ़ने…

शिव समान मोहि प्रिय नही दूजा !
Special Article

शिव समान मोहि प्रिय नही दूजा !

श्रावण माह कैलाशपति भगवान नीलकंठ के कृपा का माह माना जाता है । सड़को पर रंग बिरंगे कावड़ो से सजे कावड़ियों की यात्रा अनायास ही भक्ति भाव से ओत प्रोत कर देती है । आजकल…

जय भोले शंकर
कविता और कहानी

जय भोले शंकर

भोले शंकर अबके सावन में अपने पास बुलाना। दिल में जगह न दो तो अपने पैरो में जगह बनाना।। शीश तुम्हारे चरणो में रख मेरा जीवन कट जाए। सर पर हाथ रहे तुम्हारा तो हर…

मासूमियत से मशरूफियत
कविता और कहानी

मासूमियत से मशरूफियत

इस दुनिया में मासूमियत से जब हम- मशरूफियत की और बढ़ते हैं लगता है हर रिश्ते के मायने बदल जाते हैं पहले ज़रा सी चोट लगने पर भी रोते थे अब दिल पे ज़ख्म खा…

खुशी हो या गम नशा का सेवन क्यों
कविता और कहानी

खुशी हो या गम नशा का सेवन क्यों

पर्व-त्योहारों या गम को दूर करने के लिए अथवा विभिन्न सामाजिक पार्टीयों में विशेषकर फब पार्टीयों में नशीली पदार्थो जैसे शराब सिगरेट आदि का प्रचलन बढ़ रहा है और इसे बुराई के तौर पर देखने…

अनुराधा प्रकाशन की एक साथ           15 पुस्तकों का भव्य लोकार्पण संपन्न
Special Article

अनुराधा प्रकाशन की एक साथ 15 पुस्तकों का भव्य लोकार्पण संपन्न

21 जुलाई 2019, प्रातः 11 बजे से शाम 3 बजे तक अनुराधा प्रकाशन द्वारा प्रकाशित 13, 14 नहीं 15 पुस्तकों का भव्य लोकार्पण देश के जाने माने साहित्यकारों, चिंतको एवं समाजसेवियों की उपस्तिथि में किया…

अतिवादिता समाधान नहीं
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अतिवादिता समाधान नहीं

अतिवादिता समाधान नहीं ---------------------------------------- दो गहरे और शीर्ष महत्व के आकर्षणों में फँसा है हमारा भारत। भारत काअर्थ निश्चय ही भारतीय समाज की मनोदशाओं सेहै।परिणामतःमात्र मानसिक द्वन्द्व  तथाउलझन ही नहीं,भौतिक स्तर पर भी संघर्ष झेलने…

माँ
कविता और कहानी

माँ

सोनाली सिंघल समुंदर की गहराई माँ के आँचल की लंबाई कभी नापने की कोशिश मत करना जीवन बीत जाएगा पर तू नही जीत पाएगा... कल नहीं बिना कुछ किए ये ज़िंदगी मिल सकती है उसका…