आओं स्वस्थ्य बनाए
कविता और कहानी

आओं स्वस्थ्य बनाए

सुनसान राहें पंछियों का कोलाहल दुबके इंसान घरों में मुंडेर पर बोलता कौआ अब मेहमान नही आता संकेत लग रहे हो जैसे मानों भ्रम जाल में हो फंसे। नही बंधे झूले सावन में पेड़ों पर…

राजस्थान में गहलोत का वार , सचिन पायलट का पलटवार   !
Special Article

राजस्थान में गहलोत का वार , सचिन पायलट का पलटवार !

राजस्थान के मुख्यमंत्री  अशोक गहलोत ने सीधे तौर पर सचिन पायलट को निकम्मा कह कर राजस्थान कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ा दी है । कुछ दिन पहले ही राजस्थान की सियासत में एक अनोखा मोड़ आया…

जीवन
कविता और कहानी

जीवन

एक जमाना बीता-सा लगने लगा है। यह समंदर रीता-सा लगने लगा है।। मुझको हर पल हारना लगाता अब अच्छा। यह जहां जीता-सा लगने लगा है।। हरपल देती अग्निपरीक्षा, सत्य की मैं। अब यह जीवन सीता-सा …

चीन का राक्षस कोविद -19
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चीन का राक्षस कोविद -19

मार्टिन उमेद , देहरादून (उत्तराखंड) चीन का राक्षस कोविद -19 कोरोना वायरस संक्रमण अब आज के हालत बढ़ते जा रहे है ! जिस कारण समस्त जगत व स्वयं भारत भी परेशान है ! जैसे की…

गुरूकुल
Special Article कविता और कहानी

गुरूकुल

श्रीमती कविता मल्होत्रा दोस्तों मित्रता दिवस की रस्म हम यूँ निभा लेते हैं निस्वार्थ प्रेम बनकर निस्वार्थता को मित्र बना लेते हैं अपने घरौंदों की जड़ें दिमाग़ में न बनाकर दिलों में बनाई जाएँ तो…

हे राम !
कविता और कहानी

हे राम !

हे राम! तुम आ जाओ ना । त्रेता से कलि है विषम बहुत, आकर मुक्त कराओ ना । बन्धन मे पड़ी लाखों सीताएँ , रावण से कहीं दुस्साहस वाले रावण । अब तो खड़े निज…

समंदर
कविता और कहानी

समंदर

बहुत दूर, वो जगह जहाँ तुम, बच सको चले जाना, अकेले ही ख्वाहिशों को कहीं दूर छोड़ देना जैसे स्कूलों में प्रवेश लेकर छोड़ देते हो तुम पढ़ाई को और ध्यान रहे तुम्हें इस बात…

विधाता की सुंदर रचना
कविता और कहानी

विधाता की सुंदर रचना

तुम आज इस तरह खामोश हो, युँ उदासी का लिबास चेहरे पर क्यों डाले जाती हो भावनाओं को आहत मत होने दो उन्हें सुलगाओ नया लक्ष्य दो विकट परिस्थितियाँ बहुत आएँगी पग -पग पर पांव…

” सेवाराम”
कविता और कहानी

” सेवाराम”

अर्चना त्यागी (जोधपुर , राजस्थान ) अपने गांव गए हुए दो साल से अधिक समय हो चुका था। काम की व्यस्तता के चलते जा ही नहीं पा रहा था। रह रह कर गांव की पगडंडी…

बातों से कब बात बनी है….(सम्पादकीय) मनमोहन शर्मा ‘शरण’
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बातों से कब बात बनी है….(सम्पादकीय) मनमोहन शर्मा ‘शरण’

अगस्त माह में अनेक त्यौहार–पर्व हैं जिनके द्वारा सांस्कृतिक, संस्कारिक, आ/यात्मिक एवं राष्ट्रीय मूल्यों को समझने का अवसर मिलता है ।रक्षा–बंधन, जहां भाई–बहन के प्यार–विश्वास और संकल्प की खुश्बू आती है तो वहीं श्रीकृष्ण जन्माष्टमी…