अतिवादिता समाधान नहीं —————————————- दो गहरे और शीर्ष महत्व के आकर्षणों में फँसा है हमारा भारत। भारत काअर्थ निश्चय ही भारतीय समाज की मनोदशाओं सेहै।परिणामतःमात्र मानसिक द्वन्द्व  तथाउलझन ही नहीं,भौतिक स्तर पर भी संघर्ष झेलने ही पड़ते हैं।आग बढ़ने के लिए हमने एक निश्चित दिशा नहीं तलाशी है।जैसे जैसै हम […]

मनमोहन शर्मा ‘शरण’ इस पखवाड़े में पहले भारतीय क्रिकेट टीम का विश्व कप विजय का सपना टूटा और सेमिफाइनल में न्यूजीलैंड के हाथों संघर्ष करते हुए हार का सामना करना पड़ा । पूरे देश को बहुत दुख हुआ । पिछले दो दिनों में चन्द्रयान–2 , जिसकी उलटी गिनती शुरू होने […]

  डॉ. अवधेश कुमार अवधजब से मूलभूत आवश्यकताओं के अभाव में लोगों के मरने की समस्या खत्म हुई है, मानव जनित एक नई समस्या ने आकर समाज को घेर लिया है। मानव द्वारा मानव का बलात्कार। उम्र और लिंग को नजरअंदाज करते हुए बलात्कार। निजी और सार्वजनिक स्थलों पर बलात्कार। दुधमुहे […]

विभिन्न प्रदेशों से जुड़े साहित्यकारों के साझा संकलन 1. काव्य अमृत 2. कथा संचय 3. सीप में मोती 4. हास परिहास 5. दिव्य चेतना का लोकार्पण विश्व विख्यात कवयित्री डॉक्टर सरोजिनी प्रीतम, प्रसिद्ध गीतकार, पत्रकार पंकज शर्मा जी , राष्ट्रीय हास्य कवि महेंदर शर्मा जी , कविता मल्होत्राजी , मधु […]

करली बहुत शैतानी, अब तो स्कूल जाना हैकरके खूब पढ़ाई, दुनियाँ में नाम कमाना है। आज जन्म की तीसरी वर्षगाँठ है। पिता का नाम-       रोहित त्रिपाठीदादा का नाम-       एनजी त्रिपाठी,कवि,लेखक व                          व्यंगकारजन्म           –       देवशयनी एकादशीनिवास         –       नई दिल्ली अनुराधा प्रकाशन , उत्कर्ष मेल परिवार की और से ‘यश’ को आशीर्वाद […]

ना रहे किसी भी रूह में, मैं मेरी की हवस उतरे हर दिल में इश्क ए इब़ादत, तो मने समस्त ब्रह्माण्ड में बसँती एक प्रेम दिवस कितने भाग्यशाली होते हैं वो बच्चे जिन्हें उच्च शिक्षा के अवसर अपने देश में भी मिलते हैं और विदेशों में भी।अगर समाज के ये […]

बुधवार को अचानक राहुल गांधी के ट्वीट ने सियासी गलियारे मे हलचल पैदा कर दी । राहुल गांधी के  कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफे  के औपचारिक घोषणा ने हालांकि किसी को चौकाया तो नही पर उनके द्वारा ट्वीट किये गए कारणों ने राहुल की जमकर किरकिरी करा दी । लोकसभा […]

राजेश कुमार शर्मा”पुरोहित” शिक्षक एवम साहित्यकार    परिवार में जिनकी आयु साठ वर्ष हो गए या जिनकी सेवानिवृति हो गई। वे वरिष्ठ नागरिक कहलाते हैं। वरिष्ठ जन ही परिवार की नींव होती है। लेकिन आज की पीढ़ी वरिष्ठ के साथ रहना पसन्द नहीं करते। वे एकल परिवार में स्वतंत्रता के […]

लाल बिहारी लाल । सन 1987 में विश्व की जनसंख्या 5 अरब को पार गई तभी से सारी दुनिया में जनसंख्या रोकने के लिए जागरुकता की शुरुआत के क्रम में 1987 से हर वर्ष 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस मनाते आ रहे हैं।      आज सारी दुनिया की 90% […]

रवीन्द्र जुगरान  हिंदी काब्य जगत में एक उद्यमान प्रतिभा  हैं। इनकी 49 अतुकांत कविताओं का संग्रह –पीहू पुकार शीर्षक से अनुराधा प्रकाशन ,नई दिल्ली ने प्रकाशित किया है।इस एकल संकलन में शुरुआत मंगल गान से है में – हे मां बिलख रहे है तेरे लाल में कवि ने इस प्रतिकूल […]