कार्यकर्ताओं की अनदेखी कहीं भारी ना पड़ जाए
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कार्यकर्ताओं की अनदेखी कहीं भारी ना पड़ जाए

अमित शाह को ऐसे ही राजनीति का चाणक्य नहीं कहा जाता है , जब तक वो राष्ट्रीय अध्यक्ष थे भाजपा के कार्यकर्ताओं का उत्साह चरम पर था , स्थानीय मंत्री विधायक और पदाधिकारी सुनते थे…

ये कैसा गणतन्त्र–कितना बदला स्वरूप
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ये कैसा गणतन्त्र–कितना बदला स्वरूप

अब हमें 72वें गणतंत्र दिवस पर इस बात का गहनता से विचार करना है कि आज तक कितना स्वरूप बदला,बदला भी है, तो दिशा सकारात्मक है क्या? ये कैसा गणतंत्र है!इतनी अधिक जनसंख्या औऱ विविधता…

आजादी के महानायक –नेता जी सुभाष चंद्र बोस : लाल बिहारी लाल
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आजादी के महानायक –नेता जी सुभाष चंद्र बोस : लाल बिहारी लाल

(23 जनवरी जन्मदिन पर विशेष) नई दिल्ली। सुभाष चंद्र बोस का जन्म  मशहूर वकील जानकीनाथ बोस के घर 23  जनवरी 1897 को उडीसा के कटक शहर में हुआ था। इनकी माता का नाम प्रभावती था। जानकीनाथ के कुल 14 संतान थे। जिनमें…

क्या महिलाओं को घरेलू काम के लिए वेतन दिया जाना चाहिए?
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क्या महिलाओं को घरेलू काम के लिए वेतन दिया जाना चाहिए?

(भारत में घरेलू श्रम के सवाल पर एक महत्वपूर्ण अभियान चल रहा है। ये मुख्य रूप से महिलाएं हैं जो 'महिलाओं के काम' करती हैं, लेकिन अन्य लोगों के घरों में। वो मांग करते हैं…

व्यंग्य लेख : वैक्सिनेशन के लिए यथार्थवाद !
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व्यंग्य लेख : वैक्सिनेशन के लिए यथार्थवाद !

नेता क्रिकेटर और एक्टर ये तीनों देश के सबसे महत्वपूर्ण वेस्ट मटेरियल है जिन्हे शीघ्रातिशीघ्र निर्यात करने की जरूरत है । अभी हाल ही में आपने देखा होगा सोयाबीन फार्च्यून आयल का एक एड आता…

वैक्सीनमय होता भारत
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वैक्सीनमय होता भारत

राजनीतिक सफरनामा :   कुशलेन्द्र श्रीवास्तव पूरा देश वैैक्सीनमय हो गया है । हमारे देश की ,खासियत ही यह है कि यहां जो होता है वह सारे देश के माहौल को त्यौहारनुमा बना देता है…

प्रकाश उत्सव मनाएँ
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प्रकाश उत्सव मनाएँ

कविता मल्होत्रा गुरू का अभिमान शिष्य बने इँसान मानव धर्म है मानवता का ही उत्थान गुरू हम सबको बेहतर मानव बनने के लिए प्रेरित करें, यही सच्ची शिष्यता का मान भी है और गुरू का…

बुजुर्ग हमारे वजूद है न कि बोझ
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बुजुर्ग हमारे वजूद है न कि बोझ

(बदलते परिवेश में एकल परिवार बुजुर्गों को घर  की  दहलीज से दूर कर रहें है. बच्चों को दादी- नानी  की  कहानी की बजाय पबजी अच्छा लगने लगा है, बुजुर्ग अपने बच्चों से बातों को तरस…

सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर लगाम ही आएगी काम
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सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर लगाम ही आएगी काम

(सोशल मीडिया की वजह से गलत खबर, फेक न्यूज, अफ़वाह, अभद्र भाषा आदि समाज में फैल गए है जो हर सेकंड व्हाट्सएप, फेसबुक, ट्विटर जैसे प्लेटफार्मों के माध्यम से वायरल होते रहते है. सोशल मीडिया…

खुलने लगे स्कूल, हो न जाये भूल |
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खुलने लगे स्कूल, हो न जाये भूल |

( बिना परीक्षा कॉलेजों और स्कूलों की बड़ी कक्षाओं के छात्रों को ‘कोरोना सर्टिफिकेट’ देना कोई बेहतर कदम नहीं है। कोरोना काल में वर्चुअल कक्षाओं ने इंटरनेट को भी शिक्षा की महत्वपूर्ण कड़ी बना दिया…