Manmohan Sharma

नव वर्ष 2018 आपके एवं आपके परिवार के लिये मंगलमय हो, सुख–समृद्धि –वैभव का आगमन हो ऐसी मेरी समस्त अनुराधा प्रकाशन परिवार की ओर से कामना है ।
नव वर्ष की पूर्व सं/या पर ‘मन की बात’ कार्यक्रम के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से अपनी बात–विचार साझा किए । उन्होंने देश के युवाओं से ‘नये भारत’ के निर्माण हेतु एक आन्दोलन पैदा करने का आह्वान किया । वह नया भारत–सशक्त भारत जहाँ समानता हो, आपस में सद्भाव हो, सभी एक साथ देश की भूमिका में रहकर उत्तरोत्तर विकास के लिए अग्रसित हों । परन्तु यह सब स्वच्छ राजनीति के बिना संभव होना दूभर सा लगता है ।
आजादी से पूर्व एवं आजादी के पश्चात प्रारंभिक दिनों में जो लोग राजनीति में होते थे उन्हें आदर की दृष्टि से देखा जाता था । उनमें त्याग–समर्पण और उससे भी अधिक सबसे पहले देश हित भावना सर्वोपरि होती थी । उसके बाद दशक–दर–दशक बीतते गए हम व्यवसायिक रूप से उन्नत होते गए । लेकिन अपने जीवन मूल्यों, राष्ट्रीय मूल्यों की दिशा में हम पीछे छूटते गये । युवाओं में पाश्चात्य संस्कृति की होड़ उनमें आकाश को छूने की ललक पैदा कर गई पर हमें अपने पाँव जमीन पर जमा कर रखने हैं इसमें हम चूकते गये ।
अपने निजी विकास में अपने उपेक्षित होते गये । स्वच्छ राजनीति की अगर बात करें तब अन्ना आंदालन ने पूरे देश में एक बार तो अलख जगा ही दिया था । परन्तु उस आंदोलन मंे से निकलकर कुछ की राजनीति चमकी । लेकिन उनमें भी आंदोलन का अक्स नज़र आ रहा था, एक दिल्ली में मानो क्लीन स्विप दिला दी । समय बीतने पर कभी कभी जनता असमंजस में आ जाती है । जमीं से आकाश छूने तक का सफर तय करने वाले तमिल सुपर स्टार ने एक बार फिर उम्मीद जगाई है । यह कहकर कि वे आध्यात्मिक राजनीति के लिए पार्टी का गठन करेंगे । हमारी शुभकामना है ।