मद्रास हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस इंदिरा बनर्जी सुप्रीम कोर्ट आएंगी; 68 साल में पहली बार एक साथ 3 महिला जज होंगी

नई दिल्ली. मद्रास हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस इंदिरा बनर्जी को सुप्रीम कोर्ट की जज के रूप में नियुक्त किया गया है। इसी के साथ सुप्रीम कोर्ट के 68 साल के इतिहास में पहली बार एक साथ तीन महिला जज होंगी। इससे पहले तीन माैकों पर दो महिला जज सुप्रीम कोर्ट में रह चुकी हैं। तीनों नए जजों के नियुक्ति वारंट सोमवार तक जारी हो सकते हैं। इन नियुक्तियों के साथ सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या 25 हो जाएगी। हालांकि, छह पद अब भी खाली हैं।

सुप्रीम कोर्ट को मिलेगी 8वीं महिला जज: सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में अभी तक सिर्फ सात महिला जज ही हुई हैं। जस्टिस इंदिरा बनर्जी आठवीं महिला जज के तौर पर ज्वाइन करेंगी। उनसे पहले जस्टिस फातिमा बीवी, सुजाता वी मनोहर, रूमा पॉल, ज्ञान सुधा मिश्रा, रंजना प्रकाश देसाई, आर भानुमति और इंदु मल्होत्रा सुप्रीम कोर्ट में जज बनाई जा चुकी हैं। जस्टिस आर भानुमति और इंदु मल्होत्रा अभी सुप्रीम कोर्ट में कार्यरत हैं। इससे पहले तीन मौकों पर जस्टिस ज्ञान सुधा मिश्रा और रंजना देसाई, जस्टिस रंजना देसाई और आर भानुमति, जस्टिस आर भानुमति और इंदु मल्होत्रा एक साथ सुप्रीम कोर्ट में रही हैं।

 

 

उत्तराखंड और ओडिशा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस भी बने सुप्रीम कोर्ट जज: जस्टिस इंदिरा बनर्जी के अलावा उत्तराखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस केएम जोसेफ और ओडिशा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस विनीत शरण भी सुप्रीम कोर्ट के जज नियुक्त किए गए हैं। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाले कॉलेजियम ने जस्टिस जोसेफ को सुप्रीम कोर्ट जज बनाने के लिए 10 जनवरी को सिफारिश भेजी थी, लेकिन सरकार ने 30 अप्रैल को वरिष्ठता का हवाला देते हुए ये सिफारिश लौटा दी थी। हालांकि, कॉलेजियम ने 16 मई को एक बार फिर उनका नाम भेजा था।

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