नशा मुक्त भारत और करोना सँक्रमण से बचाव के लिए प्राकृतिक उपचार पर वर्कशॉप

नशा मुक्त भारत और करोना सँक्रमण से बचाव के लिए प्राकृतिक उपचार पर वर्कशॉप

खेल-खेल में सीखेंगे संस्कृति-सँस्कार व नेक आचरण

ईश्वर की शरण में हो ही जाएगा हर रूह का रूपाँतरण

नववर्ष 2021 समूचे विश्व के मानसिक और आध्यात्मिक विकास का सँगम बने, इस शुभेच्छा से वात्सल्य सामाजिक संस्था की तरफ़ से, 14 दिसंबर 2020 को,महारानी एँक्लेव हस्तसाल विलेज में, सामशुद्धि की डायरेक्टर डॉक्टर शालू के सहयोग से, “नशामुक्ति और करोना संक्रमण से बचने के लिये प्राकृतिक चिकित्सा के समुचित उपाय” पर एक वर्कशॉप का आयोजन किया गया। जो कि समाज के मानसिक और शारीरिक स्वास्थय की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की तरफ़ अगला आध्यात्मिक कदम है।इस अवसर पर बच्चों द्वारा साँस्कृतिक कार्यक्रम किया गया, जो भारतीय संस्कृति पर आधारित रहा।कढ़ी चावल और हलवा प्रसाद के प्रीतिभोज के बाद बच्चों को मास्क, स्टेशनरी, सैनिटाइज़र और कंबल वितरित किए गए।

मोटिवेशनल स्पीकर शिव भारद्वाज जी ने बच्चों को मोटिवेट करने वाली बातें बताईं।

वात्सल्य सामाजिक सँस्था की वार्षिक पत्रिका – वात्सल्य वसुँधरा का लोकार्पण किया गया।अनुराधा प्रकाशन के सँस्थापक मनमोहन शर्मा जी द्वारा वात्सल्य की संस्थापिका कविता मल्होत्रा जी की दसवीं पुस्तक – दीप से दीप जलाते चलो का विमोचन भी किया गया।

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नशा हो तो तेरी खुमारी का हो

जो हवा की तरह न नाम पूछे न जात

हे प्रभु हर रूह में देखें सिर्फ तेरा ही रूप

सृष्टि की निःस्वार्थ सेवा करते रहें दिन रात

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