हम पूरे समर्पण के साथ सेवारत हैं : PM मोदी

हम पूरे समर्पण के साथ सेवारत हैं : PM मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने 73वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ऐतिहासिक लालकिले के प्राचीर से राष्ट्र को सम्बोधित करते हुए कहा, देशवासियों ने जो काम दिया, हम उसे पूरा कर रहे हैं।’’

उन्होंने कहा कि सत्तर साल में अनुच्छेद 370 को हटाया नहीं गया, लेकिन उनकी सरकार ने 70 दिन के भीतर उसे समाप्त कर दिया। संसद के दोनों सदनों ने इस प्रस्ताव को दो तिहाई से अधिक बहुमत से पारित कर दिया। अब यह इतिहास बन चुका है।  अब ‘वन नेशन, वन कंस्टीट्यूशन’ की भावना वास्तविकता में बदल गयी है। उन्होंने कहा, ‘‘हम समस्यों को न टालते हैं, न पालते हैं और अब समस्याओं को टालने और पालने का समय नहीं है।’’

मोदी ने कहा कि अनुच्छेद 370 और 35ए की पुरानी व्यवस्था से जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद, परिवारवाद और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता था। लेकिन अब इसे समाप्त कर दिया गया है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘नयी सरकार को 10 हफ्ते भी नहीं हुए हैं, लेकिन इस छोटे से कार्यकाल में सभी क्षेत्रों में हर प्रयास को बल दिए गए हैं, हम पूरे समर्पण के साथ सेवारत हैं।’’    

मोदी ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए तीन तलाक के खिलाफ कानून बनाया गया और आतंकवाद के खिलाफ मजबूती से लड़ाई लड़ने के लिए आतंकवाद विरोधी कानून में संशोधन किया गया।   

मोदी ने ‘जनसंख्या विस्फोट’ पर चिंता जताते हुए कहा कि देश में आबादी नियंत्रण के लिये छोटे परिवार पर जोर दिया और कहा कि आबादी समृद्ध हो, शिक्षित हो तो देश को आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता।    बेतहाशा बढ़ रही जनसंख्या हमारे लिए चिंता का विषय है। यह आने वाली पीढ़ियों के लिए नयी चुनौतियां पेश करता है। इससे निपटने के लिए केन्द्र और राज्य सरकारों को कदम उठाने चाहिए।    उन्होंने यह भी कहा कि समाज का एक छोटा वर्ग जो अपना परिवार छोटा रखता रहा है, वह सम्मान का हकदार है। जो वे कर रहे हैं वह एक प्रकार की देशभक्ति है।     मोदी ने कहा कि अब चर्चा एक देश एक चुनाव को लेकर है, यह देश को महान बनाने के लिए अनिवार्य है।   

मोदी ने कहा, ‘‘आज देश में 21वीं सदी की आवश्यकता के मुताबिक आधुनिक बुनियादी ढांचे का निर्माण हो रहा है। देश के बुनियादी ढांचे के निर्माण पर 100 लाख करोड़ रुपए का निवेश करने का फैसला किया गया है।’’

उन्होंने कहा कि पांच साल पहले लोग यह सोचते थे कि क्या देश बदलेगा या क्या बदलाव हो सकता है? लेकिन आज लोग यह कह रहे हैं, ‘‘हां मेरा देश बदल सकता है।’’

उन्होंने यह भी कहा कि ‘सबका साथ, सबका विकास’ का मंत्र लेकर साथ चले थे, लेकिन पांच साल में ही देशवासियों ने ‘सबका विश्वास’ के रंग से पूरे माहौल को रंग दिया है।

मोदी ने कहा, ‘‘संपत्ति सृजन बहुत जरूरी है। जो देश में संपत्ति सृजित कर रहे हैं, वे भारत की पूंजी और हम उसका सम्मान करते हैं।’’

नई दिल्ली समाचार