अभिव्यक्ति संस्था ने चतुर्थ वार्षिकोत्सव धूमधाम से मनाया एक साथ 4 पुस्तकों का लोकार्पण

अभिव्यक्ति संस्था ने चतुर्थ वार्षिकोत्सव धूमधाम से मनाया एक साथ 4 पुस्तकों का लोकार्पण

अभिव्यक्ति साहित्यिक संस्था ने रविवार 25 अगस्त 2019 को हिंदी भवन आई टी ओ, दिल्ली में अपनी संस्था का चतुर्थ वार्षिकोत्सव मनाया जिसमे संस्था के सभी सम्मानित सदस्यों को सम्मानित किया गया .

कार्यक्रम के आरम्भ में अतिथियों का स्वागत पुष्प गुच्छ एवं अंग वस्त्र द्वारा किया गया और माँ सरस्वती की वंदना एवं पुष्प अर्पण करने के बात पुस्तकों का लोकार्पण किया गया. विख्यात हास्य कवि एवं साहित्यकार महेन्द्र शर्मा जी (समारोह अध्यक्ष), श्री पंकज शर्मा (कवि गीतकार, एसोसिएट प्रोडयूसर ‘आज तक’), श्री मनमोहन शर्मा ‘शरण’ (प्रधान संपादक, प्रकाशक – अनुराधा प्रकाशन) , श्री कुलमनी चौधरी (संस्थापक–संरक्षक, अध्यक्ष–ब्लॉसम ऑफ पोएर्टी), श्री रविंदर डुडेजा (महासचिव–फाउंडेशन अगेंस्ट थैलेसीमिया), श्री अनिल सिंघानिया (युवा कवि) ने विशाल संख्या में उपस्थित कवि-कवयित्रियों के समक्ष (अधिकांश अभिव्यक्ति के सदस्य थे) चारो पुस्तकों का भव्य लोकार्पण किया

लोकार्पण के उपरांत संस्था के अध्यक्ष -संरक्षक मधु मधुबाला जी ने चारों पुस्तकों पर प्रकाश डालने के लिए श्री मनमोहन शर्मा ‘शरण’ को बुलाया

‘शरण’ जी ने सर्वप्रथम मधुबाला जी और संस्था के सभी सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि “मै अभिव्यक्ति संस्था के सभी व्यक्तियों को अपनी व्यक्तिगत बधाई देता हूँ और मधुबाला जी की पहली पुस्तक ‘अंकित हो नाम सितारों में’ के विषय में बताया कि जब भी कोई साहित्यकार अपनी पहली पुस्तक लिखता है और वह प्रकाशित होती है तब उस साहित्यकार का नाम ‘साहित्यिक समाज के सितारों में अंकित हो जाता है’ हालांकि मधुबाला जी ने ना जाने कितने साहित्यकारों को कविता लिखने की प्रेरणा दी है और मदद की है. इसके बाद ‘शरण’ जी ने उनकी दूसरी पुस्तक ‘मधुबाला जी की कलम से’ जो अनुराधा प्रकाशन दिल्ली से प्रकाशित हुई है . इसपर बोलते हुए मनमोहन जी ने कहा कि यह पुस्तक मधुबाला जी ने भारतीय सेना को समर्पित की है, इसलिए मै अपने को धन्य मानता हूँ कि यह पुस्तक अनुराधा प्रकाशन ने छापी है और हम इसका हिस्सा बने. मधुबाला जी ने श्री कुंदन उपाध्याय जी का विशेष उल्लेख किया है क्योंकि वे अच्छे कवि होने के साथ साथ भारतीय सेना के सेवारत है .

सभी ने मधुबाला जी के सम्मान के करतल ध्वनि से पूरे सभागार को गुंजायमान कर दिया

अब देहरादून से आयीं श्रीमती नीलू नेलोफर जी की पुस्तक “भाव तरंगिनी” काव्य संग्रह पर चर्चा की इसका प्रकाशन भी पिछले दिनों अनुराधा प्रकाशन द्वारा किया गया, नीलू जी अभिव्यक्ति मंच की अति सम्मानित सदस्य हैं

इसी के साथ बिहार से विशेष रूप से कार्यक्रम के लिए आयीं डॉक्टर उषा किरण जी की पुस्तक सुहानी भोर प्र प्रकाश डाला और उनको बधाई दी

समारोह अध्यक्ष ने बड़ी विध्व्तापुर्वक अपनी बात राखी और गीत, ग़ज़ल और कविता सुनते हुए सभी रचनाकारों को बधाई दी जिनकी पुस्तकों का भव्य लोकार्पण हुआ है

समारोह का विशेष आकर्षण गीत कुंवर पंकज शर्मा जी रहे जिनके जिनके गीतों ने सभी को मुग्ध कर दिया

इसी बीच संस्था के सभी सदस्यों को मंचासीन अतिथियों द्वारा सम्मानपत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया

काव्य गोष्ठी भी चलती रही , कमल पांचाल जी ने मंच सञ्चालन किया उनके साथ कमल कान्त जी ने भी पूरा सहयोग किया

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