इस्लामिक कट्टरपंथियों को खुला पत्र !

इस्लामिक कट्टरपंथियों को खुला पत्र !

बकैती करते ये इस्लामिक कट्टरपंथी जब तक भारत से रुखसत नहीं हो जाते , तब तक सच मानिए ये तेरे टुकड़े होंगे का नारा भारत माता के सीने पर घाव करता रहेगा । अभी हाल ही में एक और बकैत दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष ज़फरुल इस्लाम खान ने कुछ दिन पहले ट्वीट किया था कि गर भारत के हिंदुत्व कट्टरपंथी नहीं सुधरे और भारत के मुसलमानों ने गर अरब और बाकी दुनिया के मुसलमानों से इनके घृणास्पद अभियानों, लिंचिंग और दंगों की शिकायत कर दी तो यहाँ जलजला आ जायेगा । मियां घोंचू , काहे भूल जाते हो की दुनिया और अरब के मुसलमान भारत के तुम जैसे सिरफिरो को केवल आतंकी समझते है ,गुलाम समझते है और अपने अरेबिक देशों में जेलों में बंद कर कोड़ों से पिटवाते है , मलमूत्र पिलाते है । ज़फरुल इस्लाम , बदरुद्दीन ओवैसी इत्यादि बुड़बको  से मेरी दरख्वास्त होगी कि पहले जरा अरेबिक मुल्क में घूम कर ये देख ले कि वो हिंदुओ की ज्यादा सुनते है कि कट्टर मुसलमानों की ,और दूसरा यह कि ,  जहाँ पर शहाबुद्दीन, मुख़्तार अंसारी आजम खान जैसे गुंडे पनप सकते हैं, भले ही जातिवादी टुच्चे नेताओं की तुष्टिकरण की नीति के कारण ही, वहाँ यह समझना कि मुसलमान दब कर रहता होगा, मुझे कुछ पचा नहीं।
आप आज भी यू पी में रामपुर चले जाइये, वहाँ के आम लोगों में तिहाड़ में बन्द उस पूर्व सांसद गुंडे आजम खान का आतंक कहीं न कहीं क़ायम है। मैंने हिंदुस्तान में आज तक किसी मुसलमान को किसी हिन्दू बाहुल्य इलाके में डरते नहीं देखा वैसे सामान्यतः। हाँ, हिंदुओं की भले कई जगह सटकी रहती है इसी हिंदुस्तान में।
अब पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में क्या होता होगा अल्पसंख्यक हिंदुओं का, सोच कर ही कलेजा मुंह को आ जाता है। एमनेस्टी इंटरनेशनल की रिपोर्ट बताती ही रहती है कि किस तरह अल्पसंख्यक हिन्दू लड़कियों को हजारों की संख्या में हर साल इन देशों में उनके घरों से उठा कर जबरन इस्लाम कबूल करवा कर निक़ाह करा दिया जाता है किसी मोमिन से । मेरे इस बात की पुष्टि दिल्ली पुलिस के पूर्व आयुक्त श्री टी आर कक्कड़ साहब पहले ही कर चुके हैं कि उनका अनुभव यही रहा है कि आजादी के बाद से कमसेकम 2014 तक जो तुष्टिकरण की नीति चली हिंदुस्तान में, उसने यहाँ कुछ लोगों के दिल से पुलिस-प्रशासन का भय ही निकाल दिया, मसलन पुलिस पर आज भी कई जगह पत्थरबाजी हो जाती है।  ज़फरुल इस्लाम खान, तुम हमारे यहां के मौका परस्त हिन्दू नेताओं के वजह से ही  कहीं के अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष होंगे, मन से यह भरम निकाल दो कि तुम्हारे अरबी या किसी बहत्तर हुरो वाले आकाओं से शिकायत कर देने के कारण हिंदुस्तान में जलजला आ जायेगा। हिंदुस्तान तो वो है जो केवल एक सांस खींच ले तो  न केवल  तुम्हारे ये समस्त अरबी मुल्क बह जाएंगे अरब सागर में बल्कि बाकी देश बिलबिला पड़ेंगे जैसे पाकिस्तान इस समय बिलबिला रहा । ज्यादा हवा में न उड़ो ज़फरुल। तुम्हारे इन फ़र्जी के अरबी मुल्कों के तेल का खेल अब खत्म होने को है। उसके बाद ये अपने घुटनों पर पानी के लिए तरसते नजर आएंगे जैसे आज से सौ साल पहले तक भीख मांग कर या सदियों से लूटपाट कर अपना पेट भरते थे रेगिस्तान में!
गया वह जमाना जब गदहा जलेबी खाता था ज़फरुल। अभी कल भी कश्मीर में हिंदुस्तान की सेना ने अपना सर्वोच्च बलिदान मात्र इसीलिए दिया कि उन कश्मीरियों को बचा सके जो इस्लाम को ही मानते हैं और उनमें कई फिर भी फ़र्जी की आज़ादी के नाम पर पाकिस्तानी आतंकियों को पनाह भी देते हैं। उन्हीं बलिदान देने वालों वीरों में एक नाम सब इंस्पेक्टर क़ाज़ी पठान का भी था। लिंचिंग क्या यहाँ हिंदुओं की नहीं होती ? अभी पालघर में किनकी लिंचिंग हुयी..तुम्हारे बाबू जी की ? 
मोबाइल फोन में कैमरा तो आज आया है। मैंने बचपन से यहाँ लिंचिंग होते देखी है और उनमें सब के सब मार खाते हिन्दू ही थे, उग्र भीड़ में भले कोई हो। सिवान में गुंडे शहाबुद्दीन की अपनी समानांतर सरकार चलती थी जब तक वह खुला रहा। तो कैसे कोई मज़हबी अल्पसंख्यक यहाँ डॉन बन गया हिंदुस्तान में ? गर हिंदुस्तान में मुसलमानों को डराया जाता न, तब लोग दौड़ा कर मारते शहाबुद्दीन जैसे गुंडों को उसके घर से निकाल कर। इसीलिए फिर याद दिलाता हूं ये देश राम कृष्ण और रामकृष्ण परमहंस का है , ये देश परशुराम महर्षि अगस्त और बुद्घ का है ,ये देश अटल मोदी और योगी का भी है तो बस प्रेम और सौहार्द से रहना सिखो वरना जिस दिन ललकार मची तो फिर समूचा विश्व केवल हिंदुमय ही दिखाई देगा । हम कभी किसी बेगुनाह को नहीं सताते ना किसी पर पहले प्रहार करते है ,ना दंगे फैलाते है ना किसी को मिटा कर तख्त ताज की कल्पना करते है पर जब खुद पर आते है तो 21 बार पृथ्वी को एक प्रजाति विहीन करने की क्षमता भी रखते है ।
______________ पंकज कुमार मिश्रा 8808113709

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