‘जीवन’ का दुरूपयोग‌

‘जीवन’ का दुरूपयोग‌

एक तरफ तो हम कहते हैं कि जल ही जीवन है और तो वही दुसरी तरफ हम अपने दैनिक जीवन में निरंतर जल संसाधनों का दुरूपयोग कर उनका दोहन करते जा रहे हैं। जल सभी के लिए अति आवश्यक है। जैसे मानव जीव जंतु पशु पक्षी पेड़ पौधे  फसल उत्पादन आदि सभी के लिए अति आवश्यक है।

  स्वच्छ जल बहुत तरीके से भारत तथा दुनिया के अन्य देशों के लोगों के जीवन को प्रभावित करता है। स्वच्छ जल के अभाव में एक बड़ी समस्या  बनती जा रही है। इस बड़ी समस्या को अकेले और कुछ समूह मिलकर नहीं सुलझा सकते हैं। ये ऐसी समस्या है। जिसको  वैश्विक स्तर पर लोगों को मिलकर प्रयास करने की जरूरत है। भविष्य में जल की कमी की समस्या को सुलझाने के लिए जल संरक्षण करना आवश्यक है ।

भारत और दुनिया के दुसरे देशों में जल की भारी कमी है। जिसकी वजह से आम लोगों को पीने खाना बनाने के साथ ही रोजमर्रा के कार्यो को पूरा करने के लिए जरूरी पानी के लिए लंबी दूरी तय करने पड़ती है। प्रकृति के द्वारा मानवता के लिए जल एक अनमोल उपहार हैं। जल की वजह से धरती पर जीवन संभव है । भारत और दूसरे देशों के बहुत सारे क्षेत्रों में पानी की कमी से लोग जूझ रहे हैं ।

जल की कमी के कारण विभिन्न क्षेत्रों में लोगों द्वारा मुश्किलों का सामना किये जाने के कारण पर्यावरण जीवन और विश्व को बचाने के लिए जल बचाना जरूरी है। धरती पर जीवन का सबसे जरूरी स्त्रोत जल है। क्योंकि हमें जीवन के सभी कार्यों को निष्पादित करने के लिए जल की आवश्यकता है ।जैसे पीने, भोजन बनाने, कपड़ा धोने,  नहाने, फसल पैदा करने आदि के लिए बिना इसको प्रदूषित किये भविष्य की पीढ़ी के लिए जल की उचित आपूर्ति के लिए हमें पानी को बचाने की जरूरत है ।हमें पानी की बर्बादी को रोकना चाहिए। जल का उपयोग सही ढंग से करे और जल की गुणवत्ता को बनाए रखें ।  

                              चन्द्रपाल यादव गुपलिया

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