दर्द ए आरक्षण (सुनील शर्मा)
लोकतंत्र में राजतंत्र का ही पलड़ा भारी है!कोई भी हो सत्ताधारी वोटों का व्यापारी है!!रोजगार के चक्कर में सड़कों पर युवा भटकते हैं!जब भी हक की बात करो आंखों के बीच खटकते हैं!!पढ़ लिख कर जो ख्वाब थे देखें सारे चकनाचूर हुए!कुछ आरक्षण की चक्की में पीसने को मजबूर हुए!!राजतंत्र के आगे देखो लोकतंत्र ही…
भारतीय राजनीति में आज भी प्रासांगिक एव अद्वीतीय है महात्मा गांधी (पुण्य तिथि-30 जनवरी पर विशेष)
लाल बिहारी लाल भारत में सत्ता दिल्ली सलतनत से मुगल साम्राज्य फिर मुगल से जब सत्ता अंग्रैजो के हाथ में गई तो पहले अंग्रैजों का व्यापारिक उदेश्य था पर धीरे-धीरे उनका राजनैतिक रुप भी समने नजर आने लगा। और वे अपने इस कुटिल चाल में कामयाब भी हो गये । धीरे –धीरे उनके क्रिया-कलापों के…
आर्य समाज मधुबनी बिहार का शताब्दी समारोह
साधना पथ , (प्रथम भाग) पुस्तक का विमोचन निर्णय ग्रंथों के प्रणेता, मिथिला विभूति, आर्य समाज के प्रकांड विद्वान् पण्डित शिव शंकर शर्मा काव्य तीर्थ जी से प्रभावित होकर दरभंगा जिले के कमतौल ग्राम में आर्य समाज की स्थापना हुई थी। आर्य समाज कमतौल के प्रधान जी मधुबनी जिले के श्री त्रिवेणी लाल जी के…
अलविदा “अंग्रेज़ों के ज़माने के जेलर” — असरानी को भावभीनी श्रद्धांजलि
गोवर्धन असरानी, जिन्हें हम सब प्यार से असरानी कहते थे, भारतीय सिनेमा के सबसे प्रिय हास्य अभिनेता थे। उनके अभिनय में विनम्रता, सादगी और अद्भुत हास्य का संगम था। शोले के “अंग्रेज़ों के ज़माने के जेलर” से लेकर गोलमाल, बावर्ची और चुपके चुपके तक, उन्होंने हर किरदार में जीवन की सच्चाई दिखायी। युवा हों या…
हरियाणा सरकार के बाबा बंदा सिंह बहादुर की स्मृति में स्मारक निर्माण की दिशा में बढ़ते कदम
मृत्यु एक अटल सत्य है, लेकिन ऐसे कम ही होते हैं जो शोषितों के अधिकारों और न्याय के लिए संघर्षपूर्ण जीवन जीते हुए किसी भी बलिदान के लिए तैयार हो जाते हैं। ऐसे ही एक योद्धा लक्ष्मण दास/माधोदास (बाबा बंदा सिंह बहादुर) का जन्म 27 अक्टूबर 1670 को राजौरी (जम्मू-कश्मीर) में राम देव के घर…
आतंकवाद के जड़मूल नाश से पूर्व यह’ ऑपरेशन सिन्दूर’ रुकेगा नहीं : मनमोहन शर्मा ‘शरण’ (संपादक)
22 अप्रैल को हुआ पहलगाम (जम्मू कश्मीर में) हमला जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। उन परिवारों को या कहें पूरे देशवासियों को कभी न भरने वाला जख्म दे दिया जो जीवन भर दर्द का अहसास कराता रहेगा किन्तु उन परिवारों के साथ पूरे देश की जनता की आवाज एक सुर में उठने…
पाकिस्तान और PoK में 9 आतंकी ठिकानों पर भारत ने की एयर स्ट्राइक (ऑपरेशन सिन्दूर)
भारत ने पहलगाम में पाकिस्तान के आतंकी हमले का बदला लेते हुए पाकिस्तान में ऑपरेशन शुरू कर दिया है। इस ऑपरेशन में भारत ने पाकिस्तान में 9 आतंकी ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले किये गये हैं। पहलगाम हमले का बदला भारत ने पाकिस्तान और पीओके में एयर स्ट्राइक से लिया है। भारतीय सेना ने भी नौ…
श्री चौरासिया ब्राह्मण समाज समन्वय समिति के व्दारा ‘राष्ट्रीय प्रबुद्ध ब्राह्मण महासम्मेलन’ का सफल आयोजन
नयी दिल्ली; श्री चौरासिया ब्राह्मण समाज समन्वय समिति द्वारा आयोजित “राष्ट्रीय प्रबुद्ध ब्राह्मण सम्मेलन” कल यानि 23 मार्च 2025 को एनडीएमसी सभागार, 15 संसद मार्ग, नई दिल्ली में परम पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य ज्योतिष्पीठाधीश्वर अनंत श्री विभूषित स्वामी देवादित्यानंद जी महाराज की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। सर्वाधिक प्रतिष्ठित व्यक्तियों में, द्वापरयुग में श्री द्रोणाचार्य जी व्दारा…
धरती पर लौटीं सुनीता विलियम्स: एक ऐतिहासिक वापसी
(सुनीता विलियम्स की उपलब्धियाँ न केवल भारतीय वैज्ञानिकों बल्कि देश के युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत हैं।) सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर की धरती पर सुरक्षित वापसी एक बड़ी वैज्ञानिक उपलब्धि मानी जा रही है। वे जून 2024 में बोइंग के “स्टारलाइनर” मिशन के तहत अंतरिक्ष गए थे, लेकिन तकनीकी खामियों के चलते…
अनुराधा प्रकाशन, नई दिल्ली द्वारा ‘पुस्तक लोकार्पण, काव्य गोष्ठी एवं सम्मान समारोह’ का भव्य आयोजन
7 दिसम्बर 2024, गांधी शान्ति प्रतिष्ठान, दीन दयाल उपाध्याय मार्ग, नई दिल्ली में अनुराधा प्रकाशन, नई दिल्ली द्वारा ‘पुस्तक लोकार्पण, काव्य गोष्ठी एवं सम्मान समारोह’ का भव्य आयोजन किया गया। आयोजन के मुख्य अतिथि महर्षि यूनिवर्सिटी के महानिदेशक, अनुराधा प्रकाशन के मुख्य संरक्षक प्रोफेसर (ग्रुप कैप्टेन) ओ पी शर्मा जी, अति विशिष्ट अतिथि अन्तर्राष्ट्रीय गीतकार,…
कितना बदल गया इंसान’ (सम्पादकीय)
संपादक मनमोहन शर्मा ‘शरण’ अक्टूबर माह का प्रारंभ भारत की दो महान विभूतियों की जयंती से हो रहा है। 2 अक्टूबर एक और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की जयंती दूसरी ओर सादा जीवन उच्च विचार की सर्वोत्तम मिसाल भूतपूर्व प्रधानमंत्री लालबहादूर शास्त्री जी की भी। तिथि दो महानविभूतियाँ भी दो, जिन्होंने ना सिर्फ भारत अपितु…
अबकी बार हुए न पार
जी हाँ, अबकी बार 400 पार का नारा इतनी पहले से और आखिरी वोटिंग तक दिया जाता रहा मेन मीडिया जिसको कुछ लोगों द्वारा गोदी मीडिया भी कहा जाने लगा है, ने भी बढ़ चढ़कर समर्थन किया और नारे की आवाज को बुलन्द करने में अपनी भूमिका निभाई। समाचार चैनलों की वार्ता में, ज्योतिषीय विश्लेषण…
दिल्ली की फ़िरदौस ख़ान को मिला बेस्ट वालंटियर अवॉर्ड–लाल बिहारी लाल
नई दिल्ली। जल संरक्षण के लिए समर्पित मुम्बई की विश्व विख्यात संस्था ‘ड्रॉप डेड फ़ाउंडेशन’ ने फ़िरदौस ख़ान को उनके पानी बचाने के लिए किये जा रहे उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया है। संस्था ने उन्हें साल 2023-2024 के बेस्ट वालंटियर अवॉर्ड से नवाज़ा है।ग़ौरतलब है कि सुप्रसिद्ध साहित्यकार, चित्रकार, कार्टूनिस्ट और पर्यावरणविद आबिद…
समाज सेवा मे तत्पर दानवीर परिवार
‘मानवता की मिसाल , बन्दा बेमिसाल’ हर समय समाज मे निस्वार्थ भाव से सामाजिक सेवा मे तत्पर रहे समाज के सम्मानित स्वर्गीय पण्डित बदलुराम सिलोखरा परिवार समय-समय पर सामाजिक कार्यो मे सदैव अग्रणी रह अपने बुज़ुर्गो के बताए गए मार्ग दर्शन पर आज भी तत्पर दिखाई दे अपनी अमिट छाप बनाए हुए है।आज इसी परिवार…
“अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस “ की बहुत बहुत बधाई
हम महिलाओं को अपने वजूद का एहसास स्वयं ही करवाना होगा सभी महिलाओं को “अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस “ की बहुत बहुत बधाई महिलाओं को समर्पित कुछ पंक्तियाँज़िम्मेदारी संग नारी भर रही है उड़ान ,ना कोई शिरकत ना कोई थकानमहिलाओं को दे इतना सम्मान ,जिससे बढ़े हमारे देश की शान ।महिलायें दो परिवारों की शान बान…
भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर
#karpuri thakur #bharatratna विधा:-दोहे भारत के राज्य बिहार, था पितौंझिया ग्राम। जिला रहा समस्तीपुर, राजनीति सरनाम॥ जन्म स्थली प्रसिद्ध हुई, अब कर्पूरी ग्राम। त्याग गवाही दे रहा, कर्पूरी का नाम॥ कर्पूरी ठाकुर जन्म, लेते हिन्दू धर्म। पिता गोकुल घर पेशा, नाईगीरी कर्म॥ माँ रामदुलारि देवी, सन उनीस चौबीस। जननायक अवतार लें, माह जनवरी बीस॥ बडा़…
राम नाम लो प्रेम से – मनमोहन शर्मा ‘शरण’ (सम्पादकीय )
#rammandir #26 january #gantantradiwas 22 जनवरी अयोध्या में श्रीराममंदिर में श्रीरामजी की भव्य मूर्ति पूरी दिव्यता–वैभवता के साथ प्राण प्रतिष्ठा के साथ विराजित होगी । यह सभी राम भक्तों के लिए गौरव के पल हैं । सौभाग्यशाली पल इसलिए भी कि जो सर्वशक्तिमान हैं, अन्तरयामी हैं उनको ही अपने स्थल पर विराजित होने में इतने…
विश्व पुस्तक मेले (10-18 फरवरी) में अनुराधा प्रकाशन के स्टाल पर अपनी पुस्तक को प्रदर्शित/विमोचन हेतु संपर्क करें
.फरवरी 2024 में होने वाले विश्व पुस्तक मेले’ का आयोजन प्रगति मैदान ,नई दिल्ली में, 10 फरवरी से 18 फरवरी 2024 तक होने जा रहा है , जिसमे अनुराधा प्रकाशन , नयी दिल्ली की भी भागीदारी निश्चित हुई है : सम्मानित लेखक जो अपनी पुस्तक को स्टाल पर डिस्पले (प्रदर्शित) करना चाहते हैं अथवा विमोचन…
२१वीं सदी में विश्व में हिंदी भाषा की स्वीकृति
#hindi #hindibhasha 21वीं सदी में हिंदी भाषा का महत्व और स्वीकृति विश्वभर में बढ़ रहा है। यह भाषा न केवल भारतीय उपमहाद्वीप में, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में भी अपनी पहचान बना रही है। इस लेख में, हम जानेंगे कि कैसे 21वीं सदी में हिंदी भाषा को विश्वस्तरीय स्तर पर स्वीकृति मिल रही है। हिंदी भाषा…
मत बहाओ खून
मत बहाओ खून मनुता का, अये सभ्य मानवो! रो- रोकर है पूछती तुमसे मनुजता आज है। तुम थे बहुविकसित, बुद्धि – विवेकयुक्त भलेमानस कहां पायी ऐसी पशुता, कैसा यह समाज है? धांय-धांय, सांय-सांय करते गिर रहे बारूद- गोले टूट- टूटकर के ढह रही हैं बहुमंजिली इमारतें बन गए वीरान शहर जो कलतक थे आबाद नहीं…
सम्पादकीय : इंडिया / भारत , जी-20 में ‘भार-त’ का चमका सितारा
अभी हाल ही में जी–20 शिखर सम्मेलन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ, जिसकी न सिर्फ मेजबानी अपितु अध्यक्षता भी अपने देश भारत ने की । यह गौरवशाली पल रहे सभी भारतवासियों के लिए । विशेष तौर से इसलिए भी कि भार – त विदेशी मीडिया में और कुछ गिने–चुने देशों ने इसे भारत के लिए बहुत बड़ा…
नोसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने किया अनुराधा प्रकाशन की पुस्तकों एवं ‘उत्कर्ष मेल’ का लोकार्पण
नयी दिल्ली ; 19 जून (सोमवार) का दिन अनुराधा प्रकाशन परिवार के लिए प्रभु कृपा बनकर आया .अनुराधा प्रकाशन के संस्थापक एवं संपादक मनमोहन शर्मा ‘शरण’ तथा कमांडर मनोज चौधरी जी का नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार जी के कार्यालय जाना हुआ, इस अवसर पर नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार जी द्वारा कमांडर…
डॉक्टर सरोजिनी प्रीतम कहिन
आदर्श छात्र ने कहा-आचार्य महासमर के लिए आदर्श स्थिति कहो वे हंसकर बोले’- आखों पर पटटी-/ बुद्धि पर पर्दा और सेनापति – धृतराष्ट्र हो ठाठ धोबी के कुत्तों के न तो – घर –घाट फिर भी – अलग ही ठाठ नमक आमलेट खाने लगे … स्वाद बिगड़ गया पत्नी पर चिल्लाये … घर में नमक…
डॉ. अम्बेडकर भारत के भव्यभाल पर एक सुरम्य तिलकहैं
संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अम्बेडकर महान समाज सुधारक और विद्वान थे।उन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन जातिवाद को खत्म करने और गरीब, दलितों, पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए अर्पित किया।श्रमिकों, किसानों और महिलाओं के अधिकारों का समर्थन भी किया था। वे स्वतंत्र भारत के प्रथम विधि एवं न्याय मन्त्री, भारतीय संविधान के जनक एवं भारत गणराज्य…
श्री हनुमानजी का जन्म महोत्सव का भव्य आयोजन
श्री सनातन धर्म मंदिर सभा डी ब्लॉक जनकपुरी नई दिल्ली 58 श्री हनुमानजी का जन्म महोत्सव गुरुवार ,दिनांक 6 अप्रैल 2023 अत्यंत हर्ष के साथ आप सभी को सूचित किया जा रहा है कि अपने मंदिर डी-ब्लॉक में गुरुवार ,6 अप्रैल को श्री राम भक्त हनुमान जी का प्राकट्य उत्सव गणपति पूजन, धर्म ध्वजारोहण ,…
हम पहुँच वाले लोग हैं, हमारा दुख भी वीआईपी है
हर भावना का प्रदर्शन, हर रिश्ते का प्रचार, और हर मौके का राजनीतिक/सामाजिक इस्तेमाल।) — डॉ. सत्यवान सौरभ मकान का मुहूर्त हो या दुकान का उद्घाटन, शादी-ब्याह की खुशियाँ हों या किसी अपने की मृत्यु का गम—हर जगह बड़े नेताओं और अफसरों की तस्वीरें चिपकाना अब “सम्मान” नहीं, बल्कि प्रभाव और पहुँच का प्रदर्शन बन…
विशेष संसद सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023-
विशेष संसद सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023- प्रॉक्सी पॉलिटिक्स,राजनीतिक ढाल, आपराधिक नेटवर्क द्वारा जानबूझकर इस्तेमाल रोकने कठोर सजा का प्रावधान ज़रूरी ताकि वास्तविक सशक्तिकरण हों -एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र गोंदिया – वैश्विक स्तरपर भारत ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 के माध्यम से लोकतांत्रिक इतिहास में एक निर्णायक कदम उठाया है,…
रोटी से बड़ी हो गई गैस – शहर छोड़ते मजदूरों की मजबूरी
– महेन्द्र तिवारी भारत में प्रवासी मजदूरों का संकट एक बार फिर सामने खड़ा है, और इस बार इसकी जड़ में केवल आर्थिक मंदी या रोजगार की कमी नहीं, बल्कि एक गहरा ऊर्जा संकट है, जिसने शहरों की चमक के पीछे छिपी कमजोरियों को उजागर कर दिया है। हाल के दिनों में देश के कई…
युद्ध और चुनाव के बीच कयासों का दौर
राजनीतिक सफरनामा : कुशलेन्द्र श्रीवास्तवयुद्ध और चुनाव, भारत की जनता इस समय इन दोनों के मध्य झूल रही है । चुनाव तो युद्ध जैसे हालत ले ही लेते हैं पर युद्ध चुनाव जेसे हालात नहीं ले पाता । कहने को तो अमेरिका और ईरान के बीच ‘सीजफायर’ जैसा कुछ हो गया है पर रिपोर्ट बता…
भीड़ में अकेले: आधुनिक मित्रता के बारे में सच्चाई
डॉ विजय गर्ग आज की अति-कनेक्टेड दुनिया में, दोस्ती ने एक नया रूप ले लिया है जो स्क्रीन, सूचनाओं और डिजिटल बातचीत से आकार लेता है। हम पहले से कहीं अधिक जुड़े हुए हैं, सैकड़ों या हजारों ऑनलाइन संपर्क सिर्फ एक क्लिक की दूरी पर हैं। फिर भी, विरोधाभासी बात यह है कि कई लोग…
जनप्रतिनिधियों की पेंशन पर सवाल
सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया की सख्त टिप्पणी के बाद बहस तेज—क्या पूर्व सांसदों को मिलने वाली पेंशन समानता के सिद्धांत के अनुरूप है या यह विशेषाधिकार का उदाहरण?) – डॉ. प्रियंका सौरभ भारत एक लोकतांत्रिक देश है, जहाँ जनता सर्वोच्च मानी जाती है और जनप्रतिनिधि जनता के सेवक के रूप में कार्य करते हैं। परंतु समय-समय…
ई-चालान, ई-स्मार्ट मीटर और महंगे एजुकेशन सिस्टम से परेशान जनता
पंकज सीबी मिश्रा, राजनीतिक विश्लेषक एवं पत्रकार जौनपुर यूपी टेक्नोलॉजी का उपयोग और दुरूपयोग अपनी जगह है पर सरकारी तंत्र में टेक्नोलॉजी ने हड़कंप मचा दिया है। इस ट्रिपल ई ने आम जनता के नाक में दम करके रख दिया है। जहां एक तरफ भागती दौड़ती जिंदगी में लोगों को सुकून नहीं वहीं दूसरी तरफ…
“इंडिया इन कोरिया: कोरिया में बौद्ध धर्म का प्रभाव” का भव्य विमोचन
नई दिल्ली/सोल, 27 मार्च 2026. दक्षिण कोरिया की राजधानी सोल स्थित क्वांगवून यूनिवर्सिटी के सभागार में डॉ. अजय कुमार ओझा की पुस्तक “इंडिया इन कोरिया: कोरिया में बौद्ध धर्म का प्रभाव” का भव्य विमोचन अंतरराष्ट्रीय विद्वानों और गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में संपन्न हुआ। अनुराधा प्रकाशन, नई दिल्ली से प्रकाशित इस पुस्तक में भारत और…
साहित्यिक आयोजनों में जुगलबंदी का जाल
(अकादमियों और संस्थानों की बंद दुनिया में अपनों का उत्सव) – डॉ. प्रियंका सौरभ भारतीय साहित्यिक परिदृश्य सदैव से विविधता, विचारशीलता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का प्रतीक रहा है। यह वह क्षेत्र है जहाँ शब्द केवल रचना नहीं होते, बल्कि समाज के अनुभव, संघर्ष, संवेदनाएँ और परिवर्तन की आकांक्षाएँ भी अभिव्यक्त करते हैं। परंतु वर्तमान…
सफलता की दौड़ में बुनियादी शिक्षा का पतन
डॉ विजय गर्ग आज का समय प्रतिस्पर्धा का समय है। हर विद्यार्थी, हर अभिभावक और हर संस्थान एक ही लक्ष्य की ओर भाग रहा है—सफलता। लेकिन इस अंधी दौड़ में एक महत्वपूर्ण प्रश्न धीरे-धीरे पीछे छूटता जा रहा है: क्या हम वास्तव में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, या केवल परीक्षा पास करने की कला…


