आओ-आओ गजानन गणेश

आओ-आओ गजानन गणेश

आओ-आओ गजानन गणेश,
देवा मेरे घर आओ
घर आओ देवा घर आओ -2
आओ-आओ गजानन ———–
देवा मेरे घर आओ

लाल सिंदूर तुमको है प्यारा -2
फूलों से महका दरबार तुम्हारा
प्रथम पूजें तुमको सब गणेश -2
गजानन मेरे घर आओ
आओ-आओ गजानन ————+

सुख वैभव के तुम ही स्वामी
महिमा जग ने तेरी जानी
मूषक सवारी करके गणेश
गजानन मेरे घर आओ
आओ-आओ गजानन गणेश
देवा मेरे घर आओ

माँ गौरी, शिव के राजदुलारे
भक्तों के हो सदा रखवारे
मोदक तुमको प्रिय है गणेश
गजानन मेरे घर आओ
आओ-आओ ———————

रिद्धि-सिद्धि के तुम हो दाता -2
विघ्न तुमसे ही हटता जाता
एकदंत लम्बोदर गणेश
गजानन मेरे घर आओ
आओ – आओ गजानन गणेश आओ
देवा मेरे घर आओ

संगीता अग्रवाल

कविता और कहानी