एक निर्णय इस कदर,               इतिहास पर भारी पड़ेगा

एक निर्णय इस कदर, इतिहास पर भारी पड़ेगा

एक कतरा अन्न ज्यों, उपवास पर भारी पड़ेगा
एक आंसू भी कभी, उल्लास पर भारी पड़ेगा
आने वाली पीढ़ियों को, याद होगा आज का दिन
एक निर्णय इस कदर, इतिहास पर भारी पड़ेगा

यशपाल सिंह

कविता और कहानी