कोरोना अब सामूहिक संकट के समान है.

कोरोना अब सामूहिक संकट के समान है.

डॉक्टर सुधीर सिंह

कोरोनाअब सामूहिक संकट के समान है.
संकल्प और संयम ही उसका निदान है.
कोरोना वायरस से दूरी बनाकर रहने से,
कोई भी इंसान तब होता नहीं परेशान है.
इस महामारी से बिल्कुल नहीं घबड़ाना है,
घबड़ाहट इंसान को बुजदिल बना देता है.
आदरणीय बूढ़े-बुजुर्गों ने हमें सिखाया है,
संकट में विवेक और धीरज साथ देता है.
कोरोना के संक्रमण से सावधान रहना है,
मीटर की दूरी बनाकर वार्तालाप करना है.
अपने दोनों हाथों को साबुन घुले पानी से,
बार-बार पंद्रह सेकेंड तक साफ करना है.
संक्रमित को बचाने में जो मदद करते हैं,
उन महान योद्धाओं को शत-शत नमन है.
‘जनता-कर्फ्यू’ को कुछ दिन और रहने से,
‘कोरोना-वायरस’ का स्वत: स्फूर्त अंत है.

कविता और कहानी