कोरोना

कोरोना

कोरोना ने आज करा दिया सबको ये एहसास।

धन दौलत सब मिथ्या,ना रहेगा कुछ भी पास।।

जीवन मे सब कर लो , अब प्रभु से ये अरदास।

सबको रखना सुरक्षित,सबको अपनो के पास।।

सबकुछ अब तुम त्याग दो,करो घर मे निवास।

कोरोना अगर हो गया , कोई ना आयेगा पास।।

आपस की दूरी बढ़ी , जब बढ़ी दौलत की प्यास।

मौत के एक एहसास ने किया सबको पास-पास।।

नीरज त्यागी

ग़ाज़ियाबाद ( उत्तर प्रदेश )

कविता और कहानी