वक्त इंसान को मजबूर कर देता है

वक्त इंसान को मजबूर कर देता है

वक्त इंसान को मजबूर कर देता है,
‘लॉकडाउन’का पालन करबाता है.
समय के सामने  हर  कोई बौना है,
सबों को समय झुका कर रखता है.

जग में किसी से डरिए या न डरिए,
वक्त से हमेशा संभल कर ही रहिए.
जीवन में सदा  शुभ कर्म करते हुए,
समय का सदुपयोग करना सीखिए.

वक्त को जिसने भी बर्बाद किया है,
उसको वक्त भी तबाह कर दिया है.
इसलिए  समय  को  सम्मान देकर,
संसार में सुख-समृद्धि व यश पाइए.

वक्त की ही उपज है ‘कोरोना-कहर’,
जिसने सबों को संयम की सीख दी.
मनमानी की प्रवृति आदमी छोड़ दे,
संयम से मिलती है जिंदगी में खुशी.

(डॉक्टर सुधीर सिंह)

कविता और कहानी