सहयोग की भावना आध्यात्मिक वरदान है

सहयोग की भावना आध्यात्मिक वरदान है

डॉक्टर सुधीर सिंह

एक-दूसरे की हिफाजत में सब सजग रहें,
सहायता करने में हम  हमेशा ही आगे रहें.
संकट से तब कोई  इंसान नहीं घबड़ायेगा,
विपत्ति का सामना सब मिलकर करते रहें.
सहयोग व्यक्ति  को  शक्ति प्रदान करता है,
उत्साह व उमंग का सृजन  करता रहता है.

व्यक्ति का व्यक्तित्व संवरता है सहयोग से,
सद्भावना राष्ट्र को  सदा एकजुट रखता है.
सहयोग घर का हो या संगठित समाज का,
इंसान उसके साथ ही सत्पथ पर चलता है.
बचपन से बुढ़ापा और मस्त जवानी में भी,
सहयोग के कंधों पर चढ़करआगे बढ़ता है.
सहयोग की गरिमा ही  सबों का सम्मान है,
उसकी मजबूती ही राष्ट्र का  स्वाभिमान है.
इसलिए सद्भावना को सदाबहार रखना है,
सहयोग की भावनाआध्यात्मिक वरदान है.

कविता और कहानी