साझा काव्य संकलन ‘संगम स्वर’ का हुआ भव्य लोकार्पण

साझा काव्य संकलन ‘संगम स्वर’ का हुआ भव्य लोकार्पण

दिनांक 23-9-2019 को राष्ट्र कवि रामधारी सिंह दिनकर जी की जयंती के अवसर पर गोरखपुर उत्तर प्रदेश की प्रतिष्ठित संगम सांस्कृतिक साहित्यिक एव्ं समाजिक संस्था द्वारा 253वीं नियमित मासिक काव्य गोष्ठी होटल शिवम् गेस्ट हाऊस में सफलता पूर्वक सम्मपन हुई। साथ ही साथ “संगम स्वर” ( यह पुस्तक संगम संस्था के स्मृति शेष व सक्रिय कवियों की कविताओं का संकलन है। यह काव्य संकलन संगम की अनवरत साहित्य यात्रा का एक दस्तावेज है। ) का लोकार्पण कार्यक्रम हुआ जो बहुत ही शानदार रहा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता गोरखपुर वि. वि. के पूर्व उपकुलपति प्रो. एस. के. दीक्षित जी ने किया, मुख्य अतिथि के रूप में बनारस हिन्दू वि. वि. के हिन्दी के आचार्य प्रो. वशिष्ट अनूप जी रहे। कार्यक्रम के विशिष्ठ अतिथि के रूप में पो. राम दरश राय,डा0 आद्या प्रसाद द्विवेदी आदि ने कार्यक्रम में पुस्तक एव्ं साहित्य पर विस्त्तृत चर्चा की । कार्यक्रम का संचालन श्रीयुत श्रीधर मिश्र ने किया। पुस्तक में सम्लित सभी 44 सदस्यों को प्रसस्ति पत्र एव्ं पुस्तक प्रदान किया गया। चार रचनाकार जो आज कल नियमित रूप से अच्छा लिख रहे हैं (केतन यादव, प्रतिभा गुप्ता, प्रदीप मिश्र एव्ं खुर्शीद आलम कुरैशी) को संस्था ने शब्द साधक सम्मान प्रदान किया।
द्वितीय चरण में काव्य गोष्ठी की अध्यक्षता प्रो. वशिष्ठ अनूप जी ने किया एव्ं संचालन कुमार शैल ने किया।
कार्यक्रम में शहर तथा आस-पास के तमाम गणमान्य लोग मौजूद रहे और लगभग 50 साहित्यकारों ने 4 घण्टे तक काव्य पाठ किया। जिसमें शहर तथा आस-पास के सक्रिय सदस्य मौजूद थे। अन्त में संस्था संयोजक आदरणीय नरसिंह बहादुर चंद ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। छाया चित्र संगम के सक्रिय सदस्य श्री भीम प्रसाद प्रजापति ने पहले ही प्रस्तुत कर दिया है। जिनका मैं आभार ज्ञापित करता हूँ।
रिपोर्टिंग: कुमार शैल।

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