हर मुश्किल राह भी आसान हो जाती है

हर मुश्किल राह भी आसान हो जाती है

सम्पादकीय (मनमोहन शर्मा ‘शरण’)

जम्मू–कश्मीर से धारा 370 हटते ही न जाने क्यों पाकिस्तान में खलबली मच गई ? उन्हें इस बात का आभास है कि वहां खुशहाली होते ही ‘पीओके’ में हुड़दंग मच जाएगा फिर वो भी गंवाना पड़ सकता है । विश्व बिरादरी में खूब हाय–तौबा की, पर भारत की सफल कूटनीति के आगे एक न चली, हर तरफ से मुँह की खानी पड़ी । इमरान खान खेल की दुनिया से राजनीति में सीधा सिक्सर लगाकर प्रधानमंत्री की कुर्सी तक पहुंच गए । लेकिन यह कांटों भरा ताज है, हर पल चुनौतियों का (पूरे देशवासियों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के भी दबाव का) सामना करना पड़ता है । अपना देश ही संभाल लो, आपके लिए बेहतर होगा ।
भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने अपनी सरकार के पार्ट–1 में, लालकिले की प्राचीर से घोषणा कर दी थी कि गाँधी जी की 150 जयंती पर एक संकल्प के साथ पूरे देश में कार्यक्रम होंगे और स्वच्छता अभियान को सफल बनाकर उनके सपने को साकार करेंगे । गाँधी एक नाम नहीं विचार है जो समानता–स्वच्छता–समर्पण– राष्ट्रप्रेम का भाव दर्शाता है ।
इस बार एक बार प्रयोग में आने वाले प्लास्टिक से मुक्ति का आह्वान है । क्योंकि इस प्लास्टिक से बीमारी, गंदगी पनपती है और मीठे जहर का काम करती है । जब तक व्यक्ति सचेत होता है तब तक किसी बड़ी बीमारी की चपेट में आ जाता है ।
दिल्ली में जिस प्रकार डेंगू की बीमारी में काफी अंकुश लगाया है और अब कमर कस ली है कि डेंगू की बीमारी को पूरी तरह परास्त करने के लिए । हम एक बार प्रयोग में आने वाली प्लास्टिक से भी मुक्ति पा लेंगे । बस संकल्प के साथ एक बार मिलकर चलने की आवश्यकता है, फिर हर मुश्किल राह भी आसान हो जाती है ।

कविता और कहानी