माँ का कमाल (कविता-1)

माँ का कमाल (कविता-1)

(पूनम द्विवेदी)

माँ ने हमकों जीवन देकर दिखा दिया संसार,

माँ ने हमकों चलना सिखाकर घूमा दिया संसार।

माँ ने हमकों बोलना सिखाकर ज्ञानी बना दिया,

माँ ने हमकों संस्कारित करके सम्मानित बना दिया।

माँ ने हमकों समाजिक करके व्यवहारिक बना दिया,

माँ ने हमको प्यार देकर प्रेमी बना दिया।

माँ ने हमकों भाव देकर भावुक बना दिया,

माँ ने हमकों परिवार देकर परिवारिक बना दिया।

हम हाड़ मास के जीव थे दुनिया से अनजान थे,

माँ ने सभी गुण सिखाकर हमकों इंसान बना दिया।

हम अधूरे प्राणी थे जग से घबराए थे,

माँ ने निर्भीकता देकर सम्पूर्ण बना दिया।

Special Article कविता और कहानी